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Friday, February 3, 2023
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दुबई से अपनी पत्नी को वॉट्सएप पर लिखा तलाक-तलाक-तलाक, कहा- ये बर्थडे गिफ्ट है

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हैदराबाद: यहां रहनेवाली सुमायना नाम की एक महिला को उसके पति ने वॉट्सएप पर तलाक लिखकर भेजा है। मैसेज में ये भी लिखा है कि ये बर्थडे गिफ्ट है। बीते महीनों में ट्रिपल तलाक का मुद्दा गरमाया हुआ है। हाल ही में नेटबॉल की नेशनल प्लेयर रही एक महिला को इसलिए तलाक दे दिया गया, क्योंकि उसकी एक बेटी है।
सास-ससुर काला जादू करते थे
विक्टिम सुमायना ने बताया, मेरे सास-ससुर काला जादू करते थे। वे मुझे टॉर्चर करते थे। तलाक का मैसेज मिलने के बाद मेरे पिता मुझे अपने घर ले आये हैं। मैसेज में लिखा गया है, तलाक, तलाक, तलाक। ये मेरा फैसला है। किसको लाती, किसको बताती। सबको बोलना है, बोल दे। किसका बाप क्या करता। मैं भी अब अपनी बात नहीं बदलता। ये ही चाह रही थी न तू। ले दे दिया तेरे को बर्थडे गिफ्ट।
वहीं गाजियाबाद में दो बहनों को तलाक देने का मामला सामने आया है। इन दोनों बहनों की शादी दो भाइयों से हुई थी। दोनों भाई सऊदी अरब में काम करते हैं। एक को लेटर में तलाक लिखा गया तो दूसरे ने फोन से बोला।
बेटी पैदा होने पर दिया तलाक
नेशनल लेवल की नेटबॉल प्लेयर शुमायाला जावेद को बेटी पैदा होने पर उनके पति ने तलाक दे दिया। शुमायाला का कहना है कि ससुराल के लोगों ने शादी के बाद से ही दहेज के लिए उन्हें तंग करना शुरू कर दिया था। प्रेग्नेंसी की बात पता चलने पर लड़का पैदा करने का दबाव बनाया जा रहा था। लड़की पैदा होते ही ससुराल वालों ने शुमायाला का साथ छोड़ दिया। पति ने तीन बार तलाक बोलकर छोड़ दिया। शुमायाला अब लेटर लिखकर नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ से गुहार करेंगी। मन की बात में मोदी ट्रिपल तलाक को खराब सामाजिक परंपरा कह चुके हैं। वहीं मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड कह चुका है कि पति अपनी पत्नी को तीन बार तलाक बोल कर तलाक दे सकता है।
तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं की डिग्निटी पर असर डालता है : केंद्र
सुप्रीम कोर्ट में दी गयी लिखित दलील में केंद्र सरकार ने कहा था कि तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं की गरिमा और सामाजिक स्तर पर असर डालता है। केंद्र ने यह भी कहा कि तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं के कॉन्स्टीट्यूशन में मिले उनके फंडामेंटल राइट्स की अनदेखी होती है। ये रस्में मुस्लिम महिलाओं को उनकी कम्युनिटी के पुरुषों और दूसरी कम्युनिटी की महिलाओं के मुकाबले कमजोर बना देती हैं। सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक खत्म हो या नहीं इस मुद्दे पर 11 मई से सुनवाई करेगा। सरकार ने कोर्ट में कहा कि भारत की आबादी में मुस्लिम महिलाओं की हिस्सेदारी 8% है। ये आबादी सोशली और इकोनॉमिकली बेहद अनसेफ है।
हैदराबाद की महिला को 3 लाख में सऊदी में बेचा ।

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