5.4 C
London
Friday, January 27, 2023
Homeदेशछुड़ाई गईं कई सालों से कैद 'जिंदा कंकाल' बन चुकीं मां-बेटी

छुड़ाई गईं कई सालों से कैद ‘जिंदा कंकाल’ बन चुकीं मां-बेटी

Date:

Related stories

Big wet pussy erotiske lydnoveller – english pornstar escorts kontaktannonser bergen

SexTeenBærumSexhibition pornOrgyNorge eskorteTromsøSkamBlowjobEn tenåring tube gratis live voksen webkameraerMadelines...

Penis forlenger norsk pornoside linni meister toppløs massage bergen norway

SexNorway teenCamBatgirlWebcamNorway big assSvenskGayPornofilmerNorway big assDenmarkFree kinky porn free...

Top five Online Dating Websites

A number of online dating sites are available...

How to Evaluate Due Diligence Program

Due diligence computer software has become a key...

Antivirus security software Technology

Antivirus technology is vital towards the protection of...
spot_imgspot_img

दिल्ली
दिलवालों का शहर कही जाने वाली दिल्ली में एक बार फिर पत्थर दिल इन्सानों के रोंगटे खड़े कर देने वाली करतूत सामने आई है। डाबड़ी इलाके में एक कमरे में बंद जिंदा कंकाल बन चुकीं मां-बेटी को निकाला गया है। बताया जा रहा है कि मां बेटी इस कमरे में कई सालों से कैद थीं।इस मामले में एक बुजुर्ग को पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया है। बुधवार देर शाम जानकारी मिलने पर आरडब्ल्यूए के कुछ लोग पुलिस को लेकर घर पहुंचे। कमरे से बदबू आ रही थी। छोटे से अंधेरे कमरे में एक चारपाई पर मां बेटी सिर्फ सांस ले रही थीं। कमरे में बाहर की हवा या रोशनी तक नहीं थी।

पुलिस टीम मुंह पर कपड़ा बांधकर अंदर जा सकी। घटना के वक्त आसपास के लोगों का जमघट लग गया। रेस्क्यू कराने के दौरान महिला पुलिसकर्मियों को भी बुला लिया गया था। पीसीआर के जरिए मां बेटी को सीधे अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया।
कंकाल बन चुकीं मां-बेटी के शरीर में इतनी भी ताकत नहीं कि वह कुछ बोलकर बयान दे सकें। पुलिस अफसरों का कहना है कि बयान देने की हालत में आने के बाद ही उनसे कुछ पूछा जा सकेगा।पुलिस के मुताबिक, रेस्क्यू कराई गई दोनों महिलाओं की पहचान कलावती मिश्रा (मां) व दीपा मिश्रा (बेटी) हैं। हिरासत में लिया गया बुजुर्ग शख्स महावीर मिश्रा हैं, जो एमटीएनएल से रिटायर्ड है। वाकया डाबड़ी इलाके के महावीर एन्केल्व पार्ट-2, गली नंबर-11 ए-ब्लॉक का है। महावीर मिश्रा का यह मकान है। ग्राउंड फ्लोर पर घर के बाहर स्टेशनरी की शॉप खोली हुई है, जिसे वही चलाता है। शुरुआती जांच में मालूम चला है कि महावीर मिश्रा के दो बेटे थे। दोनों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक बेटे तेजबहादुर की मौत 2007 में हुई थी। पति की मौत के बाद कलावती अपनी बेटी दीपा के साथ इसी घर में रह रही हैं। महावीर की वाइफ का भी देहांत हो चुका है। बताया जा रहा है कि दूसरे बेटे की वाइफ व बच्चे महावीर के गलत बर्ताव की वजह से अलग रह रहे हैं। आसपास के लोगों ने तेजबहादुर की मौत के बाद कुछ समय तक ही उनकी पत्नी कलावती और दीपा को बाहर आते-जाते देखा था। उसके बाद उन्हें कभी नहीं देखा। लोगों ने हालचाल जानने की कोशिश भी की मगर महावीर के झगड़ालू रवैये से सभी दूरी बनाकर रखते हैं।

इस मसले में आरडब्ल्यूए के जनरल सेक्रेटरी संजय पोद्दार व उनके साथ अन्य लोगों ने इस बारे में पता किया। बुधवार देर शाम ये लोग डाबड़ी थाने पहुंचे। जहां से पुलिस को पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया। करीब साढ़े छह बजे भारी भरकम पुलिस टीम उस इलाके में पहुंची। उस वक्त महावीर अपनी शॉप में आराम से लेटा हुआ था। पुलिस उनको सूचित करते हुए अंदर दाखिल हुई। कमरे में जब पहुंचे तो अंदर का हाल बेहद डरावना था। चारों तरफ बदबू फैली हुई थी। किसी की हिम्मत नहीं हुई कि वह सीधे दाखिल हो सके। सभी ने मुंह को कपड़े से ढका। मां बेटी एक ही चारपाई पर पड़ी थीं। पुलिस के पहुंचने पर भी वह हिल डुल नहीं पा रही थीं।

Subscribe

- Never miss a story with notifications

- Gain full access to our premium content

- Browse free from up to 5 devices at once

Latest stories

spot_img