1.7 C
London
Wednesday, February 8, 2023
HomeBreaking Newsमकर संक्रांति पर्व पर काशी में लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में...

मकर संक्रांति पर्व पर काशी में लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में आस्था की डुबकी

Date:

Related stories

spot_imgspot_img

—सूर्य-शनि की युति के दुर्लभ संयोग में दान पुण्य, मंदिरों में दर्शन पूजन

वाराणसी। मकर संक्रांति पर्व पर शनिवार को ठंड और गलन के बीच सूर्य-शनि की युति के दुर्लभ संयोग ब्रह्मा और आनंदादि योग में लाखों श्रद्धालुओं ने पतित पावनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। गंगा स्नान कर श्रद्धालुओं ने घाट पर दान पुण्य के बाद श्री काशी विश्वनाथ, श्री संकट मोचन दरबार में भी हाजिरी लगाई। स्नानार्थियों के चलते दशाश्वमेध से लेकर गोदोलिया तक चहल-पहल बनी रही। इस दौरान घाट पर और काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में सुरक्षा का व्यापक इंतजाम रहा। जल पुलिस के साथ एनडीआरएफ के जवान जहां घाटों पर मुस्तैद दिखे। वहीं, अफसर फोर्स लेकर सड़कों पर चक्रमण करते रहे।

पर्व पर गंगा स्नान के लिए वाराणसी सहित पूर्वांचल के ग्रामीण अंचल से आई महिलाएं सिर पर गठरी लिए मां गंगा के गीत गाते हुए नंगे पाव स्नान के लिए आती रही। वहीं, शहरियों के साथ देश के अन्य हिस्सों से आये श्रद्धालु भी भोर से ही गंगा घाट पर पहुंचते रहे। स्नान ध्यान, दान पुण्य का सिलसिला अपरान्ह तक चलता रहा। गंगा स्नान के लिए सबसे अधिक भीड़ प्राचीन दशाश्वमेध घाट, राजेंद्र प्रसाद घाट, शीतला घाट, पंचगंगाघाट,भैसासुरघाट,खिड़कियाघाट,अस्सी घाट, राजघाट, चेतसिंह किला घाट पर जुटी रही। गंगा स्नान दान पुण्य के बाद लोगों ने बाबा के दरबार में भी हाजिरी लगाई। पर्व पर दशाश्वमेध मार्ग स्थित खिचड़ी बाबा मंदिर से प्रसाद स्वरुप भक्तों में खिचड़ी बाटी गई। लोगों ने उत्साह के साथ खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद अपने घरों को रवाना हुए।

उधर, जिले के ग्रामीण अंचल चौबेपुर के गौराउपरवार, चन्द्रावती, परनापुर, रामपुर, सरसौल, बलुआ घाट पर भी लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। भोर के चार बजे के बाद ही गंगा तटों पर ठहरे लोग ठंड की परवाह किए बगैर आस्था का गोता लगाने लगे। दिन चढ़ने के बाद लगातार घाटों पर भीड़ लगने लगी। स्नान, दानपुण्य के बाद ग्रामीण अंचल की महिलाओं ने घरेलू सामानों की जमकर खरीदारी की।

गौरतलब हो मकर संक्रांति वाले दिन भगवान सूर्य दक्षिण से उत्तर की ओर आते हैं। आज के ही दिन से सूर्य उत्तरायण होने के कारण स्नान पर्व का महत्व बढ़ जाता है।

Subscribe

- Never miss a story with notifications

- Gain full access to our premium content

- Browse free from up to 5 devices at once

Latest stories

spot_img